एकमात्र पिचिंग से थमी गंगा की धार, फिर भी खतरे में घाट का आधार
सूर्या संदेश, समाचार
श्यामपुर। नमामि गंगे परियोजना से निर्मित श्यामपुर घाट को गंगा के कटाव से फिलहाल कुछ राहत मिली है। घाट को बचाने के लिए लगाई गई एकमात्र पिचिंग ने गंगा की तेज धार को सीधे घाट तक पहुंचने से रोक दिया है। लेकिन घाट और पिचिंग के बीच बनी झीलनुमा आकृति अब करीब आधे आधार तक पहुंच चुकी है। घाट का आधार पहले ही काफी हद तक गंगा के कटाव से बह चुका है।

पिचिंग के बाद गंगा की सीधी मार कुछ कम हुई है और धार का वेग भी पहले की तुलना में कम हुआ है, लेकिन इसके आगे सुरक्षा का काम नहीं बढ़ा। यानी गंगा के बहाव का दबाव कुछ कम हुआ है, खतरा नहीं। घाट और पिचिंग के बीच जमा पानी अब उस हिस्से तक पहुंच गया है, जहां आधार पहले ही कमजोर हो चुका है।

जलस्तर बढ़ा या कटाव ने थोड़ा भी जोर पकड़ा तो बचा हुआ आधार तेज धार में बह सकता है। मौजूदा स्थिति में पिचिंग ने घाट को तत्काल राहत जरूर दी है, लेकिन कमजोर हो चुके आधार का खतरा बरकरार है। गंगा के बहाव में मामूली बदलाव भी इस हिस्से को फिर कटाव की चपेट में ला सकता है।
फिलहाल एकमात्र पिचिंग ने गंगा की सीधी मार को कुछ थाम लिया है और धार का वेग भी कम हुआ है, लेकिन घाट का कमजोर आधार अब भी खतरे में है। जलस्तर बढ़ा और कटाव ने फिर जोर पकड़ा तो बचा हुआ आधार भी गंगा में समा सकता है। ऐसे में मौजूदा राहत के बीच घाट को स्थायी सुरक्षा कब मिल पाएगी, यह सवाल अपनी जगह बना हुआ है।

