50 के किराये पर 300 की मांग, यात्री बनकर जांच करने पहुंचे एआरटीओ; दो विक्रम जब्त
रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन के बीच सामने आया छह गुना किराये का मामला
सूर्या संदेश
हरिद्वार!सवारी बैठी, रास्ता शुरू हुआ और किराये की बात आई तो 50 रुपये के बजाय 300 रुपये मांग लिए गए। विक्रम चालकों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वे आम यात्री समझ रहे हैं, वही उनकी किराया वसूली की पूरी तस्वीर सामने लाने वाला है। लेकिन इस बार सवारी बनकर बैठे लोग आम यात्री नहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी थे।
अधिकारियों ने आम यात्री बनकर ऑटो और विक्रमों में सफर किया, ताकि मौके पर पता चल सके कि यात्रियों से वास्तव में कितना किराया लिया जा रहा है। इसी दौरान रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन जाने वाले दो विक्रम चालकों ने 300 रुपये किराया मांगा, जबकि इस रूट का तय किराया 50 रुपये है। यानी 50 रुपये के सफर के लिए छह गुना किराया। मामला सामने आते ही दोनों विक्रमों को जब्त कर लिया गया।

जांच आगे बढ़ी तो किराये से जुड़ी यह गड़बड़ी अकेली नहीं मिली। एक ई-रिक्शा में क्षमता से ज्यादा सवारी बैठी मिली, जबकि दो ई-रिक्शा बिना पंजीकरण चलते पाए गए। इन तीनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया।
मंगलवार को जिले में हुई इस कार्रवाई में कुल 105 चालान काटे गए और 25 वाहन जब्त किए गए। एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा और एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में परिवहन निरीक्षक अनिल, निपुन और अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे।
इस कार्रवाई की सबसे अहम तस्वीर 50 और 300 रुपये के बीच का वही फर्क रहा। तय किराया 50 रुपये था, मांग 300 रुपये की हुई और इस बार इसकी पड़ताल सड़क किनारे खड़े होकर नहीं, बल्कि अधिकारी खुद सवारी बनकर कर रहे थे।
परिवहन विभाग ने कहा है कि यात्रियों से अधिक किराया वसूलने, क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने और बिना पंजीकरण वाहन चलाने पर कार्रवाई जारी रहेगी। यात्रियों से भी अपील की गई है कि अधिक किराया मांगे जाने या नियमों का उल्लंघन होने पर वाहन का नंबर नोट कर परिवहन विभाग को सूचना दें।

