योग-आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक शिक्षा का मेल, मुख्यमंत्री धामी ने किया उद्घाटन
सूर्या संदेश

हरिद्वार। हरिद्वार में पहले पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की शुरुआत हो गई। यहां योग और आयुर्वेद के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, जीवन मूल्यों और आधुनिक विज्ञान-तकनीक को जोड़कर शिक्षा देने की तैयारी है। औरंगाबाद स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुकुलम् का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी की समझ भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय गुरुकुल परंपरा में पढ़ाई के साथ जीवन जीने की समझ देने पर भी जोर रहा है। आधुनिक विज्ञान के साथ इस परंपरा को जोड़कर नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है।
धामी ने कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं हैं। अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक ज्ञान हासिल करने वाली युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास से कर सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् आगे चलकर देश और दुनिया के विद्यार्थियों के लिए योग, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन का केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन के साथ योग, आयुर्वेद, ज्ञान और अध्यात्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल और नवाचार पर दिए गए जोर का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम में योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पतंजलि संस्थान से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

