रसूलपुर में 15 दिन से जारी धरना अब आमरण अनशन की ओर
रवासन नदी पर पुल की वित्तीय स्वीकृति के लिए सोमवार तक लिखित आश्वासन की मांग, नहीं मिला तो धरना आमरण अनशन में होगा तब्दील
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। बारिश बढ़ रही है, आंदोलन की तपिश भी बढ़ रही है। मौसम की मार के बीच भी ग्रामीणों का हौसला कायम है। रसूलपुर के धरनास्थल से लगातार यही आवाज उठ रही है कि चाहे जो मजबूरी हो, मांग हमारी पूरी हो। रवासन नदी पर पुल की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण अब वित्तीय स्वीकृति को लेकर सोमवार तक लिखित पत्र या ठोस आश्वासन की मांग पर डटे हैं।
रवासन नदी पर पुल की मांग लंबे समय से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन बहुत मिल चुके, अब काम शुरू होना चाहिए। धरनास्थल पर मौजूद लोगों की साझा आवाज है कि अब बात नि, काम सुरू होण चाही।
धरने में शामिल जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने कहा कि पुल की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं। अब ठोस पहल होनी चाहिए और ग्रामीण अपनी मांग को लेकर धरनास्थल पर डटे हैं।
धरने में शामिल मदन सिंह बिष्ट ने कहा, अब बहुत भै गयो, पुल की मांग करी-करी हम सब परेशान छौं। अब आश्वासन नि, काम शुरू होण चाही, नि त हम सब आंदोलन में डटे रौं।
धरनास्थल पर मौजूद ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी, मीठी बेरी ने कहा कि अब पुल की वित्तीय स्वीकृति को लेकर लिखित स्थिति सामने आनी चाहिए। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि सोमवार तक लिखित पत्र या ठोस आश्वासन नहीं मिला तो वह लोग धरने को आमरण अनशन में तब्दील करने के लिए मजबूर होंगे।

