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सूर्या संदेश
रुड़की। न्याय तक पहुंच अब केवल अदालत की चौखट तक पहुंचने भर की बात नहीं रह गई है। स्थायी लोक अदालत में जाने के लिए हर बार कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। लोग ईमेल के जरिए भी अपना मामला दाखिल कर सकते हैं और अनुरोध करने पर सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) से भी हो सकती है। स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष न्यायाधीश नीतू जोशी ने शनिवार को धनौरी स्थित हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज में आयोजित विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जनता से जुड़ी सेवाओं के एक करोड़ रुपये तक के मामले स्थायी लोक अदालत में रखे जा सकते हैं। इनमें हवाई, सड़क और जलमार्ग से यात्रियों या सामान को पहुंचाने, डाक-टेलीफोन, बिजली-पानी, सफाई, अस्पताल-औषधालय, बीमा, बैंकिंग, शिक्षण संस्थानों और आवास व भू-संपदा से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। शर्त यह है कि मामला पहले से किसी अदालत में नहीं चल रहा हो।
डिप्टी एलएडीसी रमन कुमार सैनी ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के तरीके बताए। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 और नालसा की मदद के लिए 15100 हेल्पलाइन की जानकारी दी। साथ ही मौलिक अधिकारों और नागरिकों के कर्तव्यों के बारे में भी बताया।
वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अजयवीर पुंडीर ने बताया कि समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाती हैं, जहां आपसी सहमति से मामलों को सुलझाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों से लोगों को कानून और अदालत की प्रक्रिया की जानकारी मिलती है।
शिविर में कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हर्ष सैनी, प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार योगी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे।
By- M. K. SURYA
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