खेती-किसानी में हाथ बंटाने वाली हर महिला किसान, जमीन नाम हो या न हो
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सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। खेत-खलिहान में मेहनत करने वाली महिलाएं भी किसान हैं, चाहे जमीन उनके नाम हो या न हो। ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी ने महिला किसान दिवस पर रसूलपुर मीठी बेरी ग्राम पंचायत के ढंढियानवाला गांव में आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में महिलाएं बढ़-चढ़कर हाथ बंटाती हैं और उनके इस योगदान को पहचान मिलनी चाहिए।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं केंद्रीय अनुसंधान संस्थान, मेरठ के वैज्ञानिकों ने गांव पहुंचकर महिलाओं को पशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी। डॉ. नरेश कुमार ने पशुओं के रखरखाव के तरीके बताए।

डॉ. रूपाली रौतेला ने महिलाओं को अपनी सेहत और स्वच्छता का ध्यान रखने के साथ पशुओं में गर्भाधान संबंधी समस्याओं के समाधान की जानकारी दी। वहीं, सोनम द्विवेदी ने महिलाओं से बातचीत कर उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और समाज में चली आ रही रूढ़ियों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में महिलाओं को पशुओं के लिए मिनरल मिक्सचर और उपचार संबंधी दवाइयां भी बांटी गईं। इस मौके पर नवीन यादव, छोटी देवी, वैजयंती देवी, यशोदा देवी, देवकी देवी, पुष्पा देवी, सुमित्रा देवी, खेमिया देवी, फूलमती देवी, महावीर सिंह, सोहन सिंह, अरविंद सिंह और राजकुमार सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

