साइबर ठगी के नेटवर्क पर शिकंजा, ऋषिकेश से बलिया का युवक गिरफ्तार
सूर्या संदेश, समाचार
श्यामपुर/लालढांग । साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इंतजाम करने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी श्यामपुर कोतवाली पुलिस और सीआईयू की टीम ने ऋषिकेश से एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बलिया निवासी सागर पांडेय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के लिए लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें उपलब्ध कराता था। जांच में 18 बैंक खातों को गिरोह तक पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, श्यामपुर क्षेत्र में सामने आए साइबर अपराध के मामले की जांच के दौरान टीम को आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। डिजिटल साक्ष्यों के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी दौरान उसकी मौजूदगी ऋषिकेश के मायाकुंड क्षेत्र में सामने आई। चंद्रेश्वर रोड पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर स्कूटी से जा रहे सागर पांडेय को पकड़ लिया।
जांच में सामने आया कि सिकंदरपुर, बलिया निवासी सागर पांडेय काफी समय से ऋषिकेश में रह रहा था। पुलिस का कहना है कि वह साइबर ठगी के मामले में पहले गिरफ्तार किए गए कृष्णा पांडेय के संपर्क में था। आरोप है कि सागर स्थानीय लोगों को रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता और बाद में इन खातों को गिरोह को उपलब्ध कराता था। इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सागर ने विशाल और श्याम नाम के व्यक्तियों के 18 बैंक खाते गिरोह को उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। इसके बदले उसे कमीशन मिलने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह से जुड़े पांच लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद सागर को भी पकड़े जाने का अंदेशा हो गया था। इसके बाद उसने मोबाइल से व्हाट्सएप पर हुई बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और साथियों के नंबर हटा दिए।
हालांकि, तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल की गैलरी से एक बैंक खाते की तस्वीर मिली। पुलिस ने मोबाइल फोन समेत अन्य डिजिटल दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की आगे की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्रवाई करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी नितेश शर्मा, चंडीघाट चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनीत कुमार, राहुल देव, वसीम और सीआईयू हरिद्वार की टीम शामिल रही।

