राष्ट्रीय लोक अदालत में 4,125 मामलों का निस्तारण
सूर्या संदेश समाचार
हरिद्वार। एक ही दिन में 4,125 मामलों के निस्तारण से बड़ी संख्या में पक्षकारों को राहत मिली। इनमें न्यायालयों में लंबित 3,918 वाद और 207 प्रीलिटिगेशन मामले शामिल हैं। आपसी सुलह-समझौते के आधार पर हुए इन निस्तारणों में 18,57,35,981 रुपये की समझौता राशि का सेटलमेंट हुआ।

शनिवार को जिला न्यायालय परिसर रोशनाबाद समेत जिले के विभिन्न न्यायालय परिसरों में इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देश और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखंड के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार नरेन्द्र दत्त के मार्गदर्शन में हुई।
लोक अदालत के लिए जिले में कुल 24 बेंच गठित की गई थीं। जिला न्यायालय परिसर रोशनाबाद में 13, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग हरिद्वार में एक, बाह्य न्यायालय रुड़की में सात और लक्सर में तीन बेंच गठित की गईं।
लोक अदालत में चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना क्लेम, पारिवारिक विवाद, सिविल वाद, श्रम विवाद, विद्युत अधिनियम के मामले, बैंक रिकवरी और फौजदारी शमनीय प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता दी गई। इन मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सिमरनजीत कौर ने लोक अदालत के सफल संचालन पर न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्वान अधिवक्ताओं और वादकारियों का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत त्वरित न्याय प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों को राहत मिलती है और आपसी प्रेम व सद्भाव बढ़ता है।

