सूर्या संदेश समाचार
लालढांग में रवासन नदी पर झूला पुल की वर्षों पुरानी मांग को लेकर रसूलपुर में बाबा अजमेर आश्रम के नजदीक नदी किनारे शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार से शुरू धरने में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं और क्षेत्रवासी शामिल हुए और झूला पुल निर्माण की मांग उठाई।

ग्रामीणों के अनुसार, बरसात में रवासन नदी का जलस्तर बढ़ने से आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है और झूला पुल के अभाव में हर वर्ष लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। इसी गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।
धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने कहा कि झूला पुल क्षेत्र की वर्षों पुरानी और जरूरी मांग है। लोगों की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे को लेकर सभी लोग किसी भी हद तक जाने और संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।

रविवार को दूसरे दिन भी भारी बारिश के बीच धरना जारी रहा। ग्रामीणों ने झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
धरने में जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल, पंकज चमोली, दीपक जखमोला, कमलेश द्विवेदी, आलोक द्विवेदी, अनीता तड़ियाल, गीता बिष्ट, रेनू भंडारी और जगमोहन रावत सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और क्षेत्रवासी शामिल हुए।

