लोकतंत्र सिर्फ व्यवस्था नहीं, सक्रिय नागरिक भागीदारी का नाम : नीतू जोशी
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सूर्या संदेश समाचार
हरिद्वार। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष एवं न्यायाधीश (उच्चतर न्यायिक सेवा) नीतू जोशी ने मंगलवार को एसएमजेएन पीजी कॉलेज में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में यह बात कही। उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका के साथ स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि एक करोड़ रुपये तक के मूल्यांकन वाले लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवाद स्थायी लोक अदालत में दायर किए जा सकते हैं। इनमें परिवहन, डाक-टेलीफोन, बिजली-पानी, स्वच्छता, अस्पताल, बीमा और बैंकिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि पक्षकारों के निवेदन पर वीसी से सुनवाई और ईमेल के माध्यम से वाद दायर करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी रमन कुमार सैनानी ने संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों की जानकारी दी।
प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान का नाम है।
इस दौरान कॉलेज में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। साथ ही हिन्दी महोत्सव के प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

