पीली पड़ाव की गौशाला में आग से बछड़ी की मौत, छह मवेशी झुलसे
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सुबह पांच बजे गौशाला से उठती लपटें देखकर पशुओं को बचाने दौड़े परिजन
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। सुबह का सन्नाटा था। इसी बीच गौशाला से उठती आग की लपटों ने जीवानंद बहुगुणा के परिवार को चिंता में डाल दिया। घर से कुछ दूरी पर बनी गौशाला में आग लगी देख परिजन पशुओं को बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने मवेशियों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन करीब ढाई साल की एक बछड़ी बुरी तरह झुलस गई। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। हादसे में छह अन्य मवेशी भी झुलस गए, जिनमें दो दुधारू गाय, दो बैल और दो बछड़ियां शामिल हैं। इनमें से दो पशुओं की हालत नाजुक बताई जा रही है। आग बुझाने के प्रयास में जीवानंद बहुगुणा का बड़ा बेटा ललित भी मामूली रूप से झुलस गया।

घटना शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे की है। ग्राम पंचायत पीली पड़ाव निवासी जीवानंद बहुगुणा की गौशाला उनके घर से कुछ दूरी पर स्थित है। सुबह परिवार के एक सदस्य ने गौशाला से आग की तेज लपटें उठती देखीं तो अन्य परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पशुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की गई। हालांकि, तब तक एक बछड़ी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस चुकी थी और उसकी जान नहीं बच सकी।
गौशाला में आग कैसे लगी, इसका फिलहाल पता नहीं चल पाया है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पशुओं को मच्छर-मक्खियों से बचाने के लिए रात में गौशाला में धुआं किया जाता है। आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान कोई चिंगारी रह गई हो, जिससे आग भड़क गई। हालांकि, इस आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान शशिपाल सिंह झंडवाला और स्थानीय लेखपाल पंकज चौधरी मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान ने पशुपालक को हुए नुकसान का जायजा लिया। वहीं, लेखपाल ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी।

