बादलों में ओझल रहा करवा चौथ का चांद, हरिद्वार जिले में सुहागिनों का इंतजार बढ़ा
सूर्या संदेश,
श्यामपुर/लालढांग। पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली सुहागिनों को करवा चौथ की रात चांद का दीदार करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। हरिद्वार शहर से लेकर श्यामपुर, लालढांग सहित जिले के अधिकांश शहरी और ग्रामीण इलाकों में बादलों और बारिश के चलते चांद आसमान में ओझल रहा। चंद्रोदय का समय बीतने के बाद भी आसमान साफ नहीं हुआ तो महिलाओं ने अपनी पारिवारिक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर व्रत का पारण किया। कई महिलाओं ने चंद्रमा की दिशा में अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण किया।
करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को विधि-विधान से पूजा करने के बाद चांद का दीदार, अर्घ्य और पति के हाथों जल ग्रहण करने के साथ व्रत पूरा किया जाता है। इस बार मौसम की बेरुखी ने पर्व की सबसे प्रतीक्षित रस्म में खलल डाल दिया।
धार्मिक मान्यताओं में करवा चौथ का व्रत पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पर्व में चंद्रमा की पूजा और उसे अर्घ्य देने की परंपरा विशेष स्थान रखती है। महिलाएं पूरे दिन श्रद्धा और निष्ठा के साथ निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को करवा माता की पूजा-अर्चना करती हैं।
हालांकि, इस बार चांद दिखाई नहीं देने के कारण महिलाओं को पारंपरिक तरीके से व्रत खोलने का अवसर नहीं मिला। ऐसे में उन्होंने अपनी-अपनी पारिवारिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार पूजा संपन्न कर व्रत का पारण किया। मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद पर्व के प्रति महिलाओं की आस्था और श्रद्धा में कोई कमी नहीं रही।
गुरुवार रात हुई बारिश और बूंदाबांदी शुक्रवार सुबह तक जारी रही। सुबह सात बजे तक हरिद्वार में रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी जिले में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।
