भारी बारिश से डूबी धान और उड़द की फसल, कर्ज के बोझ तले दबे अन्नदाता
कर्ज लेकर खेती करने वाले सैकड़ों किसानों की सालभर की मेहनत पर फिरा पानी
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। बेमौसम भारी बारिश ने श्यामपुर और लालढांग क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गुरुवार से शुरू होकर शुक्रवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते खेतों में पककर तैयार खड़ी और कटकर रखी धान व उड़द की फसल पानी में डूब गई। गुर्जर बस्ती गैंडीखाता समेत क्षेत्र के तमाम मैदानी इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कटाई के लिए तैयार फसल को इस तरह बर्बाद होते देख किसान परेशान हैं।

प्रभावित किसानों ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद में उन्होंने बीज, खाद और जुताई के लिए स्थानीय स्तर पर ब्याज पर कर्ज लिया था। मेहनत रंग लाई और फसल भी अच्छी हुई, लेकिन कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों को भरोसा था कि फसल बाजार में बेचकर वे कर्ज चुकाने के साथ परिवार की जरूरतें भी पूरी कर सकेंगे, लेकिन फसल बर्बाद होने से अब उनके सामने कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है।

बारिश से अब्बी, मौ. आलम, भूरा, इंतजार, गुलाम रसूल, मौ. अली, गुलाम मुस्तफा, मौ. सफी, काशिर, नूर आलम और शमशेर समेत सैकड़ों किसानों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी और कटकर रखी फसल पानी में डूबने से किसानों की सालभर की कमाई प्रभावित हुई है। ऐसे में उनके सामने अगली फसल की तैयारी और पुराने कर्ज को चुकाने की चिंता भी बढ़ गई है।
उधर, गैंडीखाता ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान बिस्मिल्लाह ने अपनी ग्राम पंचायत के प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि गैंडीखाता के प्रभावित खेतों का राजस्व विभाग की टीम से जल्द सर्वे कराया जाए और फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सके।
