विकसित उत्तराखंड का खाका खींचने की कवायद शुरू

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सूर्या संदेश,

हरिद्वार। वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में हरिद्वार जिले में भी भविष्य की विकास योजनाओं का खाका तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत विभिन्न विभागों से ऐसी योजनाओं और संभावनाओं का ब्योरा जुटाया जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के साथ रोजगार और विकास के नए रास्ते खोल सकें।


शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने विभागीय अधिकारियों के साथ विकास की भावी जरूरतों और संभावनाओं पर मंथन किया। उन्होंने सभी विभागों से वर्तमान योजनाओं के अलावा वर्ष 2047 तक के लिए प्रस्तावित योजनाओं और नए विचारों की जानकारी ली, ताकि जिले की भावी जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार की जा सकें।

विकसित उत्तराखंड के लिए विचार मंथन करते मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र


इस कवायद में रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, उद्योग एवं पर्यटन को बढ़ावा देने, स्वच्छ ऊर्जा, बेहतर संपर्क व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को अहम माना गया है। इसके साथ ही प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप विकास की योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।


मुख्य विकास अधिकारी ने विभागों को नए विचारों और नवाचार के आधार पर ऐसी कार्ययोजनाएं तैयार करने को कहा, जिनका लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे। सभी विभागों को आपसी तालमेल से अपने-अपने क्षेत्र की संभावनाओं को ठोस योजनाओं में बदलने के निर्देश दिए गए हैं।


जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में हुई बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन, उद्योग, पर्यटन, पंचायत राज, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।