रसूलपुर पुल को लेकर अनुपमा रावत ने सरकार को घेरा, बोली स्वीकृतियों के बाद भी आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया
पुल निर्माण की मांग को लेकर कांग्रेस की जन जागरण यात्रा, आर्यनगर से रसूलपुर होते हुए गुरुधाम मंगोलपुरा तक पहुंची रैली
सूर्या संदेश समाचार
श्यामपुर/लालढांग!रसूलपुर पुल के निर्माण के लिए 26 अगस्त को वन विभाग से जरूरी स्वीकृतियां मिलने के बावजूद आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था समेत निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं की गई है। सरकार के पास धन की कमी नहीं है, इसलिए जनता की बड़ी समस्या के समाधान के लिए धन खर्च कर जनहित का काम पूरा करना चाहिए।
बुधवार को रसूलपुर पुल निर्माण की मांग को लेकर कांग्रेस ने जन जागरण यात्रा निकाली। विधायक अनुपमा रावत के नेतृत्व में यात्रा आर्यनगर से रसूलपुर होते हुए गुरुधाम मंगोलपुरा तक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण जल्द शुरू करने की मांग उठाई।
विधायक ने हाल में नदी में डूबने की दो घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक व्यक्ति अभी तक लापता है, जबकि दूसरी घटना में 14 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई बच्चे रोज स्कूल जाने और ग्रामीण नदी पार करने को मजबूर हैं। ऐसे में हादसा किसी भी परिवार के साथ हो सकता है। उन्होंने पुल निर्माण को लोगों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही से जुड़ा आवश्यक काम बताया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से मीठी बेरी पंचायत को जोड़ने वाले पुल का निर्माण कराया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले पुल का निर्माण कराया जा सकता था, तो वर्तमान सरकार आर्यनगर-रसूलपुर क्षेत्र में चौड़े और सुरक्षित पुल का निर्माण क्यों नहीं करा पा रही है।
विधायक ने लोगों से पुल निर्माण की मांग को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर इसे अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा।

