सूरज डूबा, शाम ढली… फिर अंधेरे में डूबा श्यामपुर
सोमवार को तीन घंटे पांच मिनट बत्ती रही बंद, मंगलवार को भी शाम से देर रात तक इंतजार; बच्चों की पढ़ाई और घर के काम पर असर
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। दिनभर आसमान से बरसती गर्मी, शाम को कुछ राहत की उम्मीद और फिर अचानक छा जाता अंधेरा। श्यामपुर के ग्रामीणों के लिए इन दिनों शाम का यह सिलसिला कुछ ऐसा ही हो गया है। मंगलवार को भी सूरज ढलते ही बत्ती गुल हो गई। लोग इंतजार करते रहे, लेकिन देर शाम तक रोशनी वापस नहीं आई। खबर लिखे जाने तक यह भी पता नहीं था कि अब कब आएगी।
सोमवार को भी कहानी कुछ अलग नहीं थी। चंडीघाट बिजलीघर के रिकॉर्ड के मुताबिक शाम 5:50 से 6:15 बजे और रात 9:35 से 12:15 बजे तक दो बार बिजली बंद रही। यानी केवल दो कटौतियों में तीन घंटे पांच मिनट तक लोगों को बिना बिजली रहना पड़ा। विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में बारी-बारी से बिजली बंद करने की बात बताई गई थी।
गर्मी के बीच शाम का वक्त घरों में सबसे ज्यादा काम का होता है। बच्चे पढ़ाई करते हैं, खाना तैयार होता है और दिनभर काम करके लौटे लोग कुछ देर पंखे के नीचे बैठकर राहत लेना चाहते हैं। लेकिन बार-बार बत्ती गुल होने से ये सारे काम अटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ देर के लिए बिजली आती है और फिर चली जाती है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों के मुताबिक पहले जंगल से गुजरने वाली खुली तारों वाली लाइन में पेड़ों से तार टकराने या बारिश के दौरान खराबी आने को अक्सर बिजली जाने की वजह बताया जाता था। अब क्षेत्र में एबीसी लाइन डाली जा चुकी है। इसके बाद भी कटौती का सिलसिला कम नहीं हुआ है।
ऐसे में ग्रामीणों का सवाल भी सीधा है जब तारों की पुरानी परेशानी दूर करने के लिए लाइन बदल दी गई, तो शाम होते ही अंधेरा लौट क्यों आता है? ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें बार-बार होने वाली इस परेशानी से राहत मिले और कम से कम शाम-रात के समय बिजली बिना रुकावट मिले।

