गंगा घाटों से अतिक्रमण हटाने और नालों का गंदा पानी रोकने के निर्देश
हरिद्वार। जिला गंगा संरक्षण समिति की 76वीं बैठक में गंगा घाटों को अतिक्रमण मुक्त रखने, नालों का गंदा पानी गंगा में जाने से रोकने और घाटों की साफ-सफाई एवं रखरखाव व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कलक्ट्रेट सभागार, रोशनाबाद में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने गंगा घाटों पर अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारियों, एचआरडीए, पुलिस, सिंचाई विभाग हरिद्वार, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश और नगर निगम हरिद्वार को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को अपनी-अपनी परिसंपत्तियों पर अतिक्रमण न होने देने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण सड़क, वन भूमि और ग्राम पंचायत क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने घाटों के रखरखाव की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं की ओर से घाटों का रखरखाव किया जा रहा है, वहां मरम्मत एवं रखरखाव कार्य मानकों के अनुरूप होना चाहिए। इसके लिए नगर निगम को संबंधित संस्थाओं के साथ बैठक कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए किसी भी दशा में नालों का गंदा पानी गंगा नदी में नहीं गिरना चाहिए। संबंधित अधिकारी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करें। पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन कराने और इसका प्रयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गंगा संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से लोगों को गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जनपद में संचालित सीवेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए गंगा की जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, गंगा समिति के सदस्य रामेश्वर गौड़, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रुड़की डॉ. राजेंद्र सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

