गांव की विकास योजनाओं में जनता की राय भी होगी जरूरी
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60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण, पंचायत के काम और खर्च की निगरानी में ग्रामीणों की भागीदारी पर जोर
सूर्या संदेश
हरिद्वार। गांव में सड़क, पानी, सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे काम स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर तय करने पर जोर दिया गया है। पंचायत के काम का असर ग्रामीणों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा होगी। प्रदेश के सभी विकासखंडों में 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को क्षमता विकास प्रशिक्षण से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने प्रतिनिधियों से ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना से काम करने और कमजोर व वंचित परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा।
2 अक्तूबर 2026 से शुरू जन योजना अभियान के तहत ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं में स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों के सुझाव शामिल किए जाएं तथा ग्राम सभाओं में उनकी प्रगति की समीक्षा हो।

पंचायतों में पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत का पैसा जनता का है, इसलिए उसके खर्च का हिसाब भी जनता के सामने होना चाहिए। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायतों की कार्ययोजनाओं, वित्तीय और भौतिक प्रगति तथा विकास कार्यों की जियो टैगिंग की जा रही है। उन्होंने सड़कों की गुणवत्ता और पेयजल योजनाओं की उपयोगिता पर भी ध्यान देने को कहा।

प्रदेश की 7817 ग्राम पंचायतों में से 5972 में पंचायत भवन ग्राम सचिवालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 1362 पंचायत भवन बनाए गए और 584 की मरम्मत हुई है। एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण भी हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने में पंचायतों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता, कृषि, बागवानी, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने पंचायतों के माध्यम से विकास योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने और पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने की बात कही। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान समेत जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

