राजाजी में मानव-हाथी संघर्ष रोकने पर जोर, गांवों में हाथी मित्र बनाने का सुझाव
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सूर्या संदेश
चीला (हरिद्वार)। राजाजी टाइगर रिजर्व में हाथियों के सुरक्षित मूवमेंट और मानव-हाथी संघर्ष रोकने को लेकर हाथी दिवस पर मंथन हुआ। जंगल से सटे गांवों में हाथियों की आवाजाही के दौरान बेहतर तालमेल के लिए ‘हाथी मित्र’ नियुक्त करने का सुझाव दिया गया। साथ ही हाथियों के पारंपरिक मूवमेंट रूट और एलिफेंट कॉरिडोर को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।

चीला रेंज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राजाजी टाइगर रिजर्व की दिवंगत हथिनी अरुंधति को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल ने अरुंधति की स्मृति में बने स्थल पर पुष्प अर्पित किए। चीला रेंज के हाथियों ने भी उसे सलामी दी। इस दौरान कालागढ़ टाइगर रिजर्व से पहुंची जनजागरूकता बाइक रैली का स्वागत किया गया।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल ने कहा कि वन और वन्यजीवों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने राजाजी में रेस्क्यू किए गए हाथी शावकों का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से उनकी सेहत में सुधार हुआ है। उन्होंने हाथियों की संख्या बनाए रखने के साथ उनके प्राकृतिक आवास और मूवमेंट रूट के संरक्षण को जरूरी बताया।
दर्जाधारी ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि हाथियों की आवाजाही उनके प्राकृतिक रास्तों से होती है। इन रास्तों पर मानवीय दखल बढ़ने से मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति बनती है। उन्होंने जंगल से सटे गांवों में ‘हाथी मित्र’ नियुक्त करने का सुझाव दिया, ताकि हाथियों के मूवमेंट के दौरान ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे ने वन्यजीव संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने हरिद्वार-देहरादून रेल ट्रैक पर लोको पायलटों की सतर्कता की सराहना की। उनके मुताबिक, ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी के दौरान लोको पायलटों की सजगता से कई हाथियों की जान बचाने में मदद मिली है।
कार्यक्रम में चीला रेंज के महावतों और हाथियों के लिए चारा जुटाने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. एके सिंह ने एलिफेंट कॉरिडोर के महत्व और हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए इनके संरक्षण की जरूरत पर जानकारी दी।
यही संस्करण मैं प्रकाशित करता। इसमें खबर का असली एंगल पहले पैराग्राफ में आ गया है, अनावश्यक औपचारिकताएं हट गई हैं और अंत तक खबर का फोकस वन्यजीव संरक्षण व मानव-हाथी संघर्ष पर बना रहता है।

