रसूलपुर के झूला पुल पर आर-पार की तैयारी, जिला पंचायत सदस्य ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम
सूर्या संदेश, समाचार
श्यामपुर/लालढांग। रवासन नदी पर झूला पुल की मांग वर्षों पुरानी है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ते ही रसूलपुर और आसपास के ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ जाती है। हादसों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से अब यह मामला आंदोलन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने जिलाधिकारी हरिद्वार को पत्र भेजकर तीन दिन के भीतर झूला पुल के निर्माण को लेकर निर्णय लेने की मांग की है। पत्र में उन्होंने इस वर्ष दो मासूम बच्चों के साथ हुई अनहोनी का भी उल्लेख करते हुए ग्रामीणों में व्याप्त आक्रोश से प्रशासन को अवगत कराया है।

पोखरियाल ने कहा कि वह जनप्रतिनिधि होने के साथ इसी ग्राम सभा के नागरिक भी हैं। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए अब उनके सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बच रहा है।
पोखरियाल ने बातचीत में कहा, “हमने काफी समय से झूला पुल की मांग उठाई है। अब यह सिर्फ मांग नहीं, लोगों की सुरक्षा का सवाल है। अगर शनिवार तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो मजबूरी में शनिवार से ही धरने पर बैठना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही समस्या के स्थायी समाधान के लिए होगा। उनका कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते झूला पुल को लेकर सकारात्मक निर्णय लेता है तो ग्रामीणों को आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब वर्षों पुरानी मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर ग्रामीणों की नजर है। शनिवार की समय-सीमा के साथ रवासन नदी का झूला पुल एक बार फिर क्षेत्र की प्रमुख चर्चा बन गया है।

