हाथी के हमले में सतपाल की मौत के बाद परिवार को मुआवजे और नौकरी का भरोसा
स्वामी यतीश्वरानंद ने घर पहुंचकर परिजनों को बंधाया ढांढस, वन विभाग ने दिए तीन लाख रुपये, शेष सात लाख जल्द देने की बात
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। हाथी के हमले में सतपाल की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिवार को आर्थिक मदद और रोजगार की उम्मीद बंधी है। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाने के साथ एक सदस्य को वन विभाग में संविदा पर नौकरी दिलाने की बात भी कही गई।
ग्राम पंचायत सजनपुर पीली के गांव बाहर पीली निवासी सतपाल की गुरुवार शाम हाथी के हमले में मौत हो गई थी। वह हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे के किनारे अपने खेत में घास काट रहा था। इसी दौरान हाथी ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट का सवाल भी खड़ा हो गया है।
सतपाल की मौत से आक्रोशित परिजनों ने घटना के बाद हाईवे जाम करने का प्रयास किया था। हालांकि, पुलिस के समझाने पर वे वापस लौट गए। परिजन मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और घर के एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग कर रहे थे।
शुक्रवार को स्वामी यतीश्वरानंद ने वन क्षेत्राधिकारी श्यामपुर विवेक जोशी को भी मौके पर बुलाया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और रोजगार दिलाने की मांग रखी। इस पर स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि सरकार की ओर से 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में संविदा के आधार पर नौकरी दिलाने की बात भी कही।
वन क्षेत्राधिकारी विवेक जोशी ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में तीन लाख रुपये दिए गए हैं। कुल 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। शेष सात लाख रुपये की धनराशि भी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हाथियों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीमों की निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग की टीम को सूचना दें। रास्ता पार करते समय हाथी सामने आ जाए तो उससे दूरी बनाए रखें और उसे रास्ता पार करने के लिए जगह दें।

