स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए ग्रामीण
एकड़ कलां में विधिक जागरूकता शिविर, साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी
सूर्या संदेश
हरिद्वार। बिजली-पानी, परिवहन, बैंकिंग, बीमा और अस्पताल जैसी जरूरी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए लोगों के पास स्थायी लोक अदालत का विकल्प मौजूद है। एक करोड़ रुपये तक के ऐसे मामलों को स्थायी लोक अदालत में लाया जा सकता है।
ग्रामीणों को इस व्यवस्था और अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के लिए एकड़ कलां में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। यहां साइबर अपराध से बचाव के तरीके भी बताए गए।
शनिवार को ग्राम पंचायत भवन में स्थायी लोक अदालत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में कोर यूनिवर्सिटी रुड़की के विधि विभाग के सहयोग से शिविर हुआ।

स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष नीतू जोशी ने बताया कि लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े एक करोड़ रुपये तक के मामलों की सुनवाई स्थायी लोक अदालत में हो सकती है। इनमें परिवहन, डाक-टेलीफोन, बिजली, पानी, स्वच्छता, अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, शिक्षा और आवास जैसी सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पक्षकारों के अनुरोध पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई और ईमेल के माध्यम से वाद दायर करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

एडवोकेट रमन कुमार सैनी, डिप्टी एलएडीसी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों और नालसा की हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी। शिविर में पॉक्सो एक्ट और पात्र लोगों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी बताया गया।
कोर यूनिवर्सिटी के विधि छात्र-छात्राओं ने कानून की सामान्य जानकारी देने के साथ साइबर अपराध से बचाव पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
इस दौरान पंचायत भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। वहां तैनात अधिकार मित्रों के कार्यों की सराहना की गई। ग्राम प्रधान एकता पटेल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीणों को कानून की जानकारी देने और उनकी समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होते हैं।
कार्यक्रम में कोर यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के डीन डॉ. जागेश्वर नाथ, प्रोफेसर, विधि छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

