स्कूल से निकला आर्यन, फिर रवासन में क्या हुआ?
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। स्कूल से घर लौटने निकला 14 वर्षीय आर्यन भट्ट आखिर घर क्यों नहीं पहुंचा? शाम तक परिवार उसकी राह देखता रहा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन रवासन नदी से आर्यन का शव मिला तो परिवार की सारी उम्मीदें टूट गईं।

जानकारी के अनुसार, रसूलपुर निवासी मंगलेश भट्ट का बेटा आर्यन गुरुवार को स्कूल की छुट्टी के बाद एक सहपाठी के साथ काली मंदिर के रास्ते से घर लौट रहा था। दोनों रवासन नदी के किनारे पहुंचे। सहपाठी आर्यन को नदी तक छोड़कर वापस लौट गया। इसके बाद आर्यन नदी पार करने लगा। वह अभी बीच धार तक ही पहुंचा था कि तेज बहाव उसे अपने साथ बहा ले गया। घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे की है।
आर्यन शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिवार की चिंता बढ़ गई। पहले आसपास उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। नदी में बहने की आशंका के बाद शुक्रवार को पुलिस और ग्रामीणों ने जल पुलिस के साथ नदी में खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद नलोवाला कक्ष के सामने नदी में आर्यन का शव मिला।
पुलिस ने जरूरी कार्रवाई पूरी कर शव को जांच के लिए अस्पताल भेज दिया।
आर्यन दो बहनों का इकलौता भाई था। उसके पिता वन विभाग में रोजाना मजदूरी करते हैं। जिस बेटे के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी मौत की खबर पहुंचते ही घर में मातम छा गया।
इस हादसे ने उस खतरे की ओर भी ध्यान खींचा है, जिसे लोग रोजमर्रा की जरूरत में नजरअंदाज कर देते हैं। रसूलपुर क्षेत्र से आने-जाने वाले कुछ ग्रामीण और विद्यार्थी दूरी बचाने के लिए रवासन नदी को सीधे पार करते हैं। बरसात में जब नदी का बहाव तेज होता है, तब यही रास्ता जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है।

