रवासन नदी पर पुल के लिए 9.12 करोड़ मंजूर, 31वें दिन खत्म हुआ धरना
स्वामी यतीश्वरानंद ने ग्रामीणों को सौंपी शासनादेश की प्रति, 250 मीटर लंबे पुल से चार क्षेत्रों को मिलेगी राहत
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। रवासन नदी पर पुल बनाने की मांग को लेकर रसूलपुर में 31 दिन से चल रहा ग्रामीणों का धरना सोमवार को खत्म हो गया। पुल निर्माण के लिए सरकार ने 9 करोड़ 12 लाख 40 हजार रुपये मंजूर कर दिए हैं। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को शासनादेश की प्रति सौंपी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
रवासन नदी पर 250 मीटर लंबा पैदल पुल बनने से रसूलपुर, मंगोलपुरा, आर्यनगर और लालढांग क्षेत्र के लोगों को नदी पार आने-जाने में राहत मिलने की उम्मीद है। पुल की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उन्होंने धरना शुरू किया था, जो लगातार 31 दिन तक चला।
स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुल बनाने की घोषणा की थी। ग्रामीणों के संघर्ष से अब यह काम आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में पुल बनाने के लिए ठेके की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री को पुल की नींव रखने के लिए क्षेत्र में बुलाया जाएगा।
यतीश्वरानंद ने बताया कि पहले यहां झूला पुल बनाने की योजना थी, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने बाद में लोहे के पुल का नया डिजाइन तैयार किया। इसी वजह से प्रक्रिया में देरी हुई।
पुल निर्माण पर करीब 9 करोड़ 34 लाख 7 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान था। सरकार ने जांच के बाद इसके लिए 9 करोड़ 12 लाख 40 हजार रुपये मंजूर किए हैं। पुल बनाने से पहले उसके नक्शे को संबंधित अधिकारियों से मंजूरी लेनी होगी। सरकार ने काम तय बजट में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।
धरना समाप्त होने के दौरान राज्य मंत्री आदेश सैनी, भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम चौहान, आलोक द्विवेदी, कमलेश द्विवेदी, सुरेंद्र रावत और दीपक जखमोला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

