कुंभ 2027 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती, पुलिस को दिया प्रशिक्षण
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सूर्या संदेश
हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान व्यवस्थाएं संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसे देखते हुए मंगलवार को हरिद्वार स्थित सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में कुंभ मेला पुलिस प्रशिक्षण के 12वें चरण के तहत पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया।
इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन प्रो. डॉ. नरेश चौधरी ने अपने चार दशक के अनुभव साझा करते हुए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित मेला आयोजन के लिए विभागीय समन्वय की अहमियत बताई।
डॉ. चौधरी ने कहा कि कुंभ मेला 2027 में श्रद्धालुओं और यात्रियों की संख्या पिछले मेलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। अमृत स्नानों और अखाड़ों की पेशवाई के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखना विशेष चुनौती होगी। ऐसे में पुलिस को सतर्कता के साथ काम करने और मेला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, होटल और धर्मशाला संचालकों तथा सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन सभी की सक्रिय भागीदारी से श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को सुचारु बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम करने का आह्वान किया।
डॉ. चौधरी ने 1986, 1992 और 1998 के कुंभ, 2004 के अर्द्धकुंभ, 2010 के कुंभ, 2011 के शांतिकुंज शताब्दी कुंभ और 2016 के अर्द्धकुंभ सहित 2021 के कुंभ तथा प्रयागराज, उज्जैन और नासिक के आयोजनों में निभाई गई जिम्मेदारियों के अनुभव भी साझा किए।
कुंभ मेला पुलिस का प्रशिक्षण कार्यक्रम पिछले महीने से लगातार चल रहा है। इसके विभिन्न चरणों में अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि पुलिसकर्मी कुंभ मेला 2027 की चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
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