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गेंडीखाता-लालढांग ही नहीं, रसूलपुर मीठी बेरी में भी यूपी का पिनकोड; आखिर कब बदलेगा
सूर्या संदेश
श्यामपुर/लालढांग। नाम श्यामपुर का, ठिकाना सजनपुर का और यह सिलसिला करीब ढाई दशक तक चलता रहा। करीब 25 साल बाद अब डाकघर अपने नाम वाले गांव श्यामपुर लौट आया है। करीब 25 वर्ष पहले इसे श्यामपुर से सजनपुर स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद नाम श्यामपुर का ही रहा, जबकि संचालन सजनपुर से होता रहा।
सजनपुर में डाकघर ऐसी जगह संचालित था, जहां आम लोगों को पहुंचने और उसे ढूंढने में परेशानी होती थी। अब ग्राम प्रधान योगेश चौहान ने पंचायत घर में डाकघर संचालन के लिए एक कमरा निशुल्क उपलब्ध कराया है। इसके बाद डाकघर फिर श्यामपुर ग्राम पंचायत में शुरू हो गया।
डाक व्यवस्था की यह विसंगति सिर्फ श्यामपुर तक सीमित नहीं है। उत्तराखंड गठन के 26 साल पूरे होने को हैं, लेकिन गेंडीखाता और लालढांग क्षेत्र के डाकघर का पिनकोड अब भी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद का है।

रसूलपुर मीठी बेरी के डाकघर में भी उत्तर प्रदेश का पिनकोड है। इससे ऑनलाइन बुकिंग, पार्सल और निजी कंपनियों की होम डिलीवरी में लोगों को परेशानी होती है। श्यामपुर का डाकघर तो अपने घर लौट आया, किंतु सवाल यह है कि गेंडीखाता, लालढांग और रसूलपुर मीठी बेरी के डाकघर का पिनकोड आखिर कब बदलेगा?

